8th Pay Commission File Approved Status 2026
ताजा जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी है। रिपोर्ट्स का दावा है कि कैबिनेट ने जनवरी 2026 की शुरुआत में आयोग के 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को हरी झंडी दे दी है। इसका मतलब है कि वेतन आयोग अब आधिकारिक रूप से कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और पेंशन की समीक्षा शुरू करेगा।
- गठन का समय: जनवरी 2026 (रिपोर्ट्स के अनुसार)
- प्रभावी तारीख: 1 जनवरी 2026 से संभावित
- रिपोर्ट सबमिशन: अगले 12-18 महीनों में
Minimum Salary Calculation: ₹18,000 to ₹51,480
कर्मचारी यूनियनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को बढ़ाने की है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, लेकिन 8वें वेतन आयोग में इसे 2.86 से 3.68 तक करने की मांग हो रही है। यदि सरकार 2.86 का फैक्टर मानती है, तो गणित कुछ इस प्रकार होगा:
- वर्तमान बेसिक सैलरी: ₹18,000
- संभावित फिटमेंट फैक्टर: 2.86
- नई बेसिक सैलरी: ₹18,000 x 2.86 = ₹51,480
Fitment Factor 2026 Latest Update
World AIDS Day 2025: Sarkar Ka Naya ‘Phase-V’ Plan Launch, 2030 Tak Bimari Khatam Karne Ka Target
फिटमेंट फैक्टर ही वह जादुई आंकड़ा है जो आपकी सैलरी तय करता है। जहां सरकार 7वें वेतन आयोग के फार्मूले (2.57) से थोड़ा आगे बढ़ सकती है, वहीं कर्मचारी संगठन 3.68 की मांग कर रहे हैं, जिससे न्यूनतम वेतन ₹26,000 के आसपास होगा। लेकिन ₹51,480 का आंकड़ा 2.86 फैक्टर पर आधारित मीडिया प्रोजेक्शन है, जिस पर अभी अंतिम मुहर लगनी बाकी है।
Arrears Payment Date: एरियर कब मिलेगा?
भले ही 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाए, लेकिन इसकी सिफारिशें लागू होने में समय लगेगा। ऐतिहासिक ट्रेंड्स को देखें, तो आयोग अपनी रिपोर्ट सौंपने में 1 से 1.5 साल का समय लेता है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को बढ़ा हुआ पैसा एरियर (Arrears) के रूप में 2027 तक मिल सकता है।
- जनवरी 2026 से: एरियर जमा होना शुरू होगा
- भुगतान: नई सैलरी स्ट्रक्चर लागू होने पर एक साथ
Pensioners Latest News: पेंशन में कितनी बढ़ोतरी?
सिर्फ कर्मचारी ही नहीं, पेंशनभोगियों की भी चांदी होने वाली है। अगर न्यूनतम वेतन ₹51,480 होता है, तो न्यूनतम पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी। वर्तमान में न्यूनतम पेंशन ₹9,000 है, जो फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बढ़कर ₹25,000 से अधिक हो सकती है। इसके अलावा, मेडिकल अलाउंस और ट्रैवल अलाउंस में भी रिवीजन संभव है।
क्या आपको लगता है कि सरकार को ₹51,480 की न्यूनतम सैलरी की मांग मान लेनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।